Category: Government Schemes
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Written by bheem
09-oct-2026
सड़क दुर्घटना कभी भी और कहीं भी हो सकती है। ऐसे समय में घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना बहुत जरूरी होता है। लेकिन कई परिवारों के सामने इलाज के खर्च की चिंता भी होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के लिए PM-RAHAT योजना शुरू की है।
इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी कम करना है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को इस योजना के तहत प्रति व्यक्ति ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार मिल सकता है। यह सुविधा दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों की अवधि के लिए है।
इस लेख में हम जानेंगे कि PM-RAHAT योजना क्या है, इसमें कितने रुपये तक का इलाज मिलता है, आपातकाल में किस नंबर पर संपर्क करना चाहिए और योजना का लाभ लेने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
PM-RAHAT योजना क्या है ?
PM-RAHAT का पूरा नाम Prime Minister – Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment है।
हिंदी में इसे प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ितों के अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना कहा जाता है।
यह सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को कैशलेस चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई योजना है। इसके अंतर्गत पात्र पीड़ितों के इलाज का खर्च निर्धारित नियमों और सीमा के अनुसार कवर किया जाता है।
इस योजना को मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के तहत अधिसूचित व्यवस्था के आधार पर लागू किया गया है।
इसका एक प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को केवल पैसों की कमी के कारण समय पर इलाज मिलने में देरी न हो।
PM-RAHAT योजना में कितने रुपये तक का इलाज मिलता है ?
PM-RAHAT योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित को प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹1,50,000 तक का कैशलेस उपचार कवर दिया जा सकता है।
यह कवर दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों की अवधि के अधीन है।
उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति मोटर वाहन से जुड़ी सड़क दुर्घटना में घायल हो जाता है, तो योजना के नियमों और आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार उसका पात्र उपचार निर्धारित सीमा तक कैशलेस किया जा सकता है।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि हर घायल व्यक्ति को ₹1.5 लाख नकद दिए जाएंगे। यह इलाज के लिए निर्धारित कैशलेस कवर है, न कि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में मिलने वाली नकद सहायता।
उपचार की उपलब्धता और खर्च का निपटान योजना के नियमों, अस्पताल की स्थिति और आवश्यक सत्यापन पर निर्भर करता है।
PM-RAHAT योजना का लाभ किन लोगों को मिल सकता है ?
सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, यह योजना मोटर वाहनों के उपयोग से हुई सड़क दुर्घटनाओं में घायल पात्र व्यक्तियों के उपचार के लिए है।
इसमें किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति के आधार पर ही पात्रता तय नहीं होती। हालांकि, किसी मामले में योजना लागू होगी या नहीं, इसका निर्धारण संबंधित नियमों और आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
लाभ लेने से पहले इन बातों को समझें:
योजना का लाभ लेने के लिए पहले से किसी विशेष स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का होना इसकी सामान्य शर्त नहीं है। फिर भी, किसी विशेष मामले की पात्रता और उपचार कवरेज की पुष्टि संबंधित अस्पताल या सक्षम अधिकारी से करनी चाहिए।
दुर्घटना होने पर सबसे पहले क्या करें ?
सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना सबसे जरूरी है।
यदि आपके सामने सड़क दुर्घटना होती है, तो ये कदम उपयोगी हो सकते हैं:
1. आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर कॉल करें
भारत में आपातकालीन सहायता के लिए 112 नंबर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
PM-RAHAT योजना से संबंधित सरकारी जानकारी के अनुसार, 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के माध्यम से दुर्घटना पीड़ित या मदद करने वाला व्यक्ति निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी और एम्बुलेंस सहायता का अनुरोध कर सकता है।
कॉल करते समय दुर्घटना की सही जगह और घायल व्यक्ति की स्थिति स्पष्ट रूप से बताएं।
2. घायल व्यक्ति को चिकित्सा सहायता दिलाएं
घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द उचित चिकित्सा सहायता मिलनी चाहिए। गंभीर चोट की स्थिति में अनावश्यक देरी न करें।
यदि आप प्राथमिक उपचार के बारे में प्रशिक्षित नहीं हैं, तो ऐसी प्रक्रिया न अपनाएं जिससे घायल व्यक्ति को और नुकसान पहुंच सकता हो। आपातकालीन सेवा के निर्देशों का पालन करें।
3. अस्पताल में योजना के बारे में बताएं
अस्पताल पहुंचने पर वहां के कर्मचारियों को बताएं कि मामला सड़क दुर्घटना से संबंधित है और आप PM-RAHAT योजना के अंतर्गत उपचार की जानकारी चाहते हैं।
अस्पताल का संबंधित कर्मचारी योजना के नियमों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया और पात्रता की जांच करने में मदद कर सकता है।
4. आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं
दुर्घटना से संबंधित जानकारी और पहचान के लिए जो विवरण मांगे जाएं, उन्हें उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
योजना की प्रक्रिया में पुलिस सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए दुर्घटना से संबंधित सही जानकारी देना महत्वपूर्ण है।
ध्यान दें:
केवल योजना का नाम बताने से हर अस्पताल में स्वतः कैशलेस उपचार सुनिश्चित नहीं हो जाता। अस्पताल का योजना के तहत नामित होना और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होना महत्वपूर्ण है।
क्या निजी अस्पताल में भी कैशलेस इलाज मिल सकता है ?
यह सवाल कई लोगों के मन में आता है।
योजना के तहत उपचार उन अस्पतालों में उपलब्ध होता है जिन्हें इसके लिए नामित किया गया है। सरकारी जानकारी के अनुसार, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने वाले आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सूचीबद्ध अस्पतालों को भी PM-RAHAT के लिए नामित अस्पताल माना जा सकता है।
इसलिए किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने से पहले यह पुष्टि करना जरूरी है कि वह संबंधित योजना के अंतर्गत उपचार उपलब्ध कराने के लिए पात्र या नामित है या नहीं।
किसी भी निजी अस्पताल को केवल इसलिए योजना के तहत कैशलेस इलाज देने वाला न मानें क्योंकि वह आयुष्मान भारत का नाम लेता है। अस्पताल की स्थिति और लागू दिशा-निर्देशों की पुष्टि करें।
क्या दुर्घटना के तुरंत बाद पुलिस सत्यापन जरूरी होता है ?
योजना में पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। इसके लिए अस्पताल और पुलिस के बीच डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से जानकारी साझा की जाती है।
सरकारी दिशानिर्देशों में गैर-जानलेवा मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया के लिए अधिकतम 24 घंटे और जानलेवा मामलों में अधिकतम 48 घंटे की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
यह समय-सीमा संबंधित डिजिटल प्रक्रिया और पुलिस प्रतिक्रिया से जुड़ी है। इसे इस तरह नहीं समझना चाहिए कि घायल व्यक्ति को इलाज शुरू होने के लिए 24 या 48 घंटे इंतजार करना होगा।
आपातकाल में सबसे पहले घायल व्यक्ति को चिकित्सा सहायता मिलनी चाहिए। योजना की प्रशासनिक प्रक्रिया संबंधित व्यवस्था के अनुसार पूरी की जाती है।
क्या हिट एंड रन दुर्घटना में भी योजना का लाभ मिल सकता है ?
हिट एंड रन ऐसी दुर्घटना को कहा जाता है जिसमें दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन मौके से चला जाता है या उसकी पहचान नहीं हो पाती।
सरकारी जानकारी के अनुसार, PM-RAHAT व्यवस्था में बीमा रहित वाहनों और हिट एंड रन मामलों के लिए भी अस्पतालों के भुगतान की व्यवस्था शामिल है।
हालांकि, किसी विशेष दुर्घटना में उपचार कवर लागू होगा या नहीं, यह संबंधित नियमों, मामले के तथ्यों और आवश्यक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
यदि वाहन का पता नहीं चलता है, तब भी घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता दिलाने में देरी नहीं करनी चाहिए।
PM-RAHAT योजना और आयुष्मान भारत में क्या अंतर है ?
PM-RAHAT और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का उद्देश्य और पात्रता व्यवस्था अलग है।
PM-RAHAT योजना: इसका मुख्य उद्देश्य मोटर वाहन से संबंधित सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को निर्धारित सीमा तक कैशलेस उपचार उपलब्ध कराना है।
आयुष्मान भारत PM-JAY: यह पात्र लाभार्थी परिवारों के लिए निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं का कवरेज प्रदान करने वाली योजना है।
PM-RAHAT में सड़क दुर्घटना से संबंधित पात्रता और उपचार के नियम लागू होते हैं, जबकि आयुष्मान भारत में लाभार्थी की पात्रता और योजना के अपने नियम महत्वपूर्ण होते हैं।
इसलिए दोनों योजनाओं को एक जैसा नहीं समझना चाहिए। किसी व्यक्ति की परिस्थिति के अनुसार संबंधित अस्पताल या सक्षम अधिकारी से जानकारी प्राप्त करना उचित है।
PM-RAHAT योजना के बारे में महत्वपूर्ण बातें
योजना का इस्तेमाल करने से पहले इन तथ्यों को याद रखें:
इन नियमों को समझना इसलिए जरूरी है, ताकि आपातकाल में किसी गलत जानकारी के कारण इलाज में देरी न हो।
PM-RAHAT योजना की आधिकारिक जानकारी कहां देखें ?
इस योजना से संबंधित जानकारी के लिए भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और प्रेस सूचना ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
किसी अस्पताल में योजना लागू होने, उपचार की प्रक्रिया या पात्रता को लेकर सवाल हो तो संबंधित अस्पताल के सहायता डेस्क या सक्षम सरकारी अधिकारी से पुष्टि करें।
योजना से संबंधित जानकारी पढ़ते समय सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों पर ही निर्भर न रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. PM-RAHAT योजना में कितने रुपये तक का इलाज मिलता है ?
योजना के नियमों के अनुसार पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित को प्रति व्यक्ति ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार कवर मिल सकता है। यह दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों की अवधि के अधीन है।
2. क्या इस योजना के तहत पैसे सीधे बैंक खाते में मिलते हैं ?
नहीं। यह इलाज के लिए निर्धारित कैशलेस उपचार व्यवस्था है। इसे सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में मिलने वाली नकद सहायता नहीं समझना चाहिए।
3. सड़क दुर्घटना होने पर किस नंबर पर कॉल करें ?
आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर कॉल किया जा सकता है। दुर्घटना की जगह और घायल व्यक्ति की स्थिति की सही जानकारी दें।
4. क्या हर अस्पताल में PM-RAHAT के तहत इलाज मिलता है ?
नहीं। योजना के तहत नामित अस्पताल और निर्धारित प्रक्रिया महत्वपूर्ण हैं। अस्पताल में उपचार शुरू कराने से पहले संबंधित व्यवस्था की पुष्टि करें।
5. क्या हिट एंड रन दुर्घटना में भी यह योजना लागू हो सकती है ?
सरकारी व्यवस्था में हिट एंड रन मामलों के लिए भी प्रावधान शामिल हैं। किसी विशेष मामले में उपचार कवर लागू होने की पुष्टि संबंधित नियमों और आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार की जानी चाहिए।
6. क्या इलाज के लिए पहले से आयुष्मान कार्ड होना जरूरी है ?
PM-RAHAT की सामान्य पात्रता सड़क दुर्घटना से संबंधित है और यह आयुष्मान भारत की पात्रता व्यवस्था से अलग है। फिर भी, उपचार के लिए संबंधित योजना के नियम और अस्पताल की प्रक्रिया लागू होती है।
निष्कर्ष
PM-RAHAT योजना सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके तहत पात्र पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार कवर मिल सकता है, जिसकी अवधि दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिन है।
दुर्घटना होने पर सबसे जरूरी है कि घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता मिले। आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर संपर्क करें और अस्पताल पहुंचने पर PM-RAHAT के तहत उपलब्ध उपचार के बारे में जानकारी लें।
योजना की पात्रता, नामित अस्पताल और उपचार प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करें, ताकि जरूरत के समय सही जानकारी आपके काम आ सके।
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